
श्री बंशीधर नगर। संवाददाता। ऐतिहासिक राजा पहाड़ी शिव मंदिर की प्रबंध व्यवस्था को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अनुमंडल पदाधिकारी, श्री बंशीधर नगर द्वारा गठित प्रबंध समिति को हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भंग करने की कार्रवाई की गई है। हाईकोर्ट ने नई कमेटी गठित करने के आदेश को वापस लेने का निर्देश दिया था।
हालांकि समिति भंग होने के बाद मंदिर की व्यवस्था की जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से किसे सौंपी गई है, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। प्रशासनिक पत्र में नई समिति के गठन से संबंधित कार्रवाई का उल्लेख है, लेकिन मंदिर की दैनिक व्यवस्था, साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और अन्य प्रबंधन कार्यों की जिम्मेदारी किस संस्था या समिति के पास रहेगी, इस पर स्पष्टता जरूरी है।
श्रावण में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, व्यवस्था को लेकर चिंता
श्रावण मास में राजा पहाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर की प्रबंध व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार का असमंजस श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल, भीड़ नियंत्रण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान प्रशासन की ओर से पूर्व स्थिति बहाल करने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि पूर्व की निबंधित ट्रस्ट/प्रबंध व्यवस्था को ही मंदिर संचालन की जिम्मेदारी दी गई है या प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था तय की है।
प्रशासन से स्पष्ट आदेश सार्वजनिक करने की मांग
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रावण के दौरान मंदिर में भीड़ को देखते हुए प्रशासन को तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मंदिर की प्रबंध व्यवस्था किसके अधीन है और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी किसकी है, इसे लेकर स्पष्ट आदेश सार्वजनिक किए जाने से भ्रम की स्थिति दूर होगी।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि राजा पहाड़ी मंदिर की व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तत्काल तय की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और मंदिर का संचालन सुचारु रूप से जारी रह सके।









